शिवपुरीः पहली विधानसभा के सदस्य रहे नन्नााजी का 104 वर्ष की उम्र में निधन

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शिवपुरी। प्रदेश की पहली विधानसभा के सदस्य और भाजपा के वरिष्ठतम् नेता लक्ष्‌मीनारायण गुप्ता ‘नन्नााजी’ का बुधवार को 104 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। नन्नााजी ने झांसी में सतीश नगर स्थित अपने निज निवास पर दोपहर 2 बजे अंतिम सांस ली। गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ पिछोर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 104 वर्ष की उम्र में भी वे बिना चश्मे के अखबार पढ़ लिया करते थे। बिना लाठी चलते थे और अक्सर लोगों से उनकी समस्याएं भी पूछ लिया करते थे। गत वर्ष नवंबर में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भोपाल आए थे तब उन्होंने भी नन्नााजी से आशीर्वाद लिया था। बताया जाता है कि पहली विधानसभा के चुने गए विधायकों में मध्यप्रदेश में सिर्फ नन्नााजी ही जीवित थे।

नन्नााजी के जेष्ठ पुत्र रमेश गुप्ता ने बताया कि लक्ष्‌मीनारायणजी का जन्म ईसागढ़ में सन् 1918 में हुआ था। नन्नााजी के पिता पन्नाालाल गुप्ता एक छोटे व्यवसाई थे। यह सन् 1940 में पिछोर आ गए थे। उन्होंने हिंदू महासभा की गतिविधियों को सक्रिय किया और पिछोर में सन् 1944 में एक विराट हिंदू यज्ञ कराया। फिर 1952 में जब देश में पहला आम चुनाव हुआ तो नन्नााजी हिंदू महासभा की ओर से पिछोर के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। सन् 1952 से 1972 तक लगातार पिछोर विधानसभा क्षेत्र जनसंघ विधायक दल के उपनेता रहे। इसके बाद 1967 मध्य प्रदेश के गोविंद नारायण सिंह की सरकार में पहली बार राजस्व मंत्री बने। नन्नााजी ने डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी बाजपेई, राजमाता विजयराजे सिंधिया, कुशाभाऊ ठाकरे, कैलाश जोशी के साथ रहकर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी दौरान जब जब भारतीय जनता पार्टी की सत्ता प्रदेश में आई तब उन्हें राजस्व मंत्री बनाया गया। यह तीन बार राजस्व मंत्री रहे। 1948 में गांधी हत्याकांड के समय आप पहली बार गिरफ्तार हुए। इसके बाद श्यामाप्रसाद मुखर्जी के आव्हान पर कश्मीर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन पर देश के सभी बड़े राजनेताओं ने उन्हें इंटरनेट मीडिया पर श्रृद्धांजलि दी।

1993 में मिली पहली बार, फिर नहीं जीत पाए

सन् 1993 कांग्रेस से केपी सिंह के विरुद्ध नन्नााजी चुनाव में हार गए। इसके बाद वे चुनाव नहीं जीते। इसके बाद पिछोर में भी कांग्रेस का ही दबदबा रहा। नन्नााजी ने पिछोर क्षेत्र के कई प्रमुख सड़कों का निर्माण करवाया, पिछोर महाविद्यालय का निर्माण कराया और वर्तमान की उर बांध परियोजना की नींव भी उन्होंने ही रखी थी। नन्नााजी के तीन पुत्र व 5 पुत्री हैं।

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